15 रुपए के Power Stock में आया 10% का उछाल, कम्पनी ने अडानी ग्रुप से किया है 14,535 करोड़ का समझौता

Jaiprakash Power Ventures का शेयर बुधवार को 10% से ज्यादा उछलकर 15.63 रुपये तक पहुँचा। यह तेजी तब आई जब NCLT ने Adani Enterprises द्वारा इसकी पैरेंट कंपनी Jaiprakash Associates के अधिग्रहण को मंजूरी दे दी। Adani Group ने 14,535 करोड़ रुपये की बोली लगाकर Vedanta और Dalmia Bharat को पीछे छोड़ दिया था।

Adani ने क्यों लगाई इतनी बड़ी बोली?

Jaiprakash Associates Limited एक बड़ी कंपनी है जो रियल एस्टेट, सीमेंट, होटल, बिजली और निर्माण जैसे कई कारोबार चलाती है। इसके पास Jaiprakash Power Ventures में करीब 24% हिस्सेदारी भी है। Adani Enterprises ने नवंबर 2024 में इस कंपनी को खरीदने की बोली जीती थी, जिसमें करीब 89% लेनदारों ने उनके पक्ष में वोट किया। 17 मार्च 2026 को NCLT इलाहाबाद ने इस योजना पर अपनी मुहर लगा दी, जिसके बाद बाजार में हलचल मच गई।

Read More : Upper Circuit से चमका 1842% रिटर्न देने वाला Defence Stock! HAL और ISRO जैसे दिग्गज भी हैं क्लाइंट, क्या आप करेंगे निवेश?

Jaiprakash Power का शेयर क्यों चढ़ा?

निवेशकों की नजर इस बात पर है कि जब Adani Group, Jaiprakash Associates का अधिग्रहण करेगा, तो उसे Jaiprakash Power Ventures में भी अप्रत्यक्ष रूप से हिस्सेदारी मिल जाएगी। इसका सीधा मतलब है कि एक मजबूत और जाना-माना ग्रुप अब इस कंपनी का हिस्सा बन सकता है। निवेशकों को उम्मीद है कि नए और ताकतवर प्रमोटर के आने से कंपनी के कामकाज में सुधार आएगा, इसलिए वे पहले से ही शेयर खरीद रहे हैं।

Jaiprakash Associates क्यों हुई दिवालिया?

Jaiprakash Associates के पास कई कीमती संपत्तियाँ हैं, जिनमें Jaypee Greens Wishtown, Jaypee Greens Greater Noida और नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास Jaypee International Sports City शामिल हैं। दिल्ली, मसूरी और आगरा में पाँच होटल तथा मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में चार सीमेंट कारखाने भी हैं। इतनी संपत्तियों के बावजूद कंपनी 57,185 करोड़ रुपये का कर्ज नहीं चुका पाई और जून 2024 में दिवालियापन प्रक्रिया में चली गई।

Read More : Bharat Electronics Ltd Share Price Target 2026-2030

बिजली क्षेत्र में इसका क्या असर होगा?

Jaiprakash Power Ventures बिजली उत्पादन के क्षेत्र में काम करती है। भारत में बिजली की माँग तेजी से बढ़ रही है और सरकार भी इस क्षेत्र में बड़े निवेश को बढ़ावा दे रही है। Adani Group जैसे बड़े समूह के जुड़ने से कंपनी को नई पूँजी, बेहतर प्रबंधन और बड़े प्रोजेक्ट मिल सकते हैं। हालाँकि अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया अभी कानूनी तौर पर पूरी होनी बाकी है, इसलिए निवेशकों को सतर्क रहकर ही फैसला लेना चाहिए।

Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश या ट्रेडिंग सलाह नहीं माना जाए।

Leave a Comment