इंफ्रास्ट्रक्चर Smallcap कंपनी Patel Engineering को हिमाचल प्रदेश में ₹910 करोड़ का बड़ा बांध प्रोजेक्ट मिला है। दिग्गज निवेशक विजय केडिया ने इस कंपनी में 1.01% हिस्सेदारी ली है। शेयर अभी ₹24 के आसपास है। कंपनी का ऑर्डर बुक ₹15,123 करोड़ का है, जो इसके मौजूदा बाजार पूंजीकरण से पांच गुना से ज़्यादा है।
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हिमाचल प्रदेश में मिला ₹910 करोड़ का बड़ा ठेका
Patel Engineering को हिमाचल प्रदेश विद्युत निगम यानी HPPCL की तरफ से रेणुका जी बांध परियोजना के पहले पैकेज के लिए ₹910.08 करोड़ का LoA यानी award letter मिला है। यह प्रोजेक्ट सिरमौर जिले के ददाहू गांव में बनेगा और इसे 30 महीनों में पूरा करना होगा। इसमें तीन बड़ी सुरंगें, 6 किलोमीटर लंबी सड़क और आधुनिक hydro-mechanical system शामिल हैं। यह प्रोजेक्ट पानी और बिजली दोनों की ज़रूरत को पूरा करने में मदद करेगा।
76 साल पुरानी है कंपनी
Patel Engineering की स्थापना 1949 में हुई थी और यह hydropower, tunnelling और irrigation यानी सिंचाई के क्षेत्र में देश की सबसे अनुभवी कंपनियों में से एक है। Smallcap कंपनी अब तक 85 से ज़्यादा बांध, 40 पनबिजली परियोजनाएं और 300 किलोमीटर से ज़्यादा सुरंगें बना चुकी है। कंपनी का ऑर्डर बुक ₹15,123 करोड़ का है, जो उसके मौजूदा बाजार पूंजीकरण से पांच गुना से ज़्यादा है। यह दिखाता है कि आने वाले सालों में कंपनी के पास काफी काम है और रेवेन्यू बना रहेगा।
Q3 FY26 के नतीजे
Q3 FY26 में Patel Engineering का consolidated revenue ₹1,239 करोड़ रहा, जो पिछले साल से 2.8% ज़्यादा है। Smallcap कंपनी का शुद्ध मुनाफा ₹71 करोड़ और कुल कर्ज घटकर ₹1,433 करोड़ रह गया, जो मार्च 2025 में ₹1,603 करोड़ था। नौ महीनों यानी 9M FY26 में रेवेन्यू 5.7% बढ़ा और शुद्ध मुनाफा 6.5% ऊपर रहा। EBITDA margin में कुछ कमी ज़रूर आई है, लेकिन कंपनी का कर्ज घटना और rights issue से ₹399 करोड़ की नई पूंजी जुटाना बैलेंस शीट को मज़बूत बनाता है।
विजय केडिया का भरोसा
दिग्गज निवेशक विजय केडिया ने अपनी फर्म Kedia Securities के ज़रिए Smallcap कंपनी Patel Engineering में 1.01% हिस्सेदारी खरीदी है, और यह दांव उन्होंने तब लगाया जब शेयर अपने 52-हफ्ते के उच्च स्तर से 43% गिर चुका था। ₹910 करोड़ के ऑर्डर की खबर के बावजूद शेयर ₹24-25 के आसपास flat रहा, क्योंकि पूरे बाजार में दबाव है। जानकार मानते हैं कि ₹15,000 करोड़ से ज़्यादा का ऑर्डर बुक और नए प्रोजेक्ट मिलने का सिलसिला लंबे समय में कंपनी के लिए सकारात्मक साबित हो सकता है।
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश या ट्रेडिंग सलाह नहीं माना जाए।






