मार्च 2026 में विदेशी निवेशकों यानी FIIs ने तीन कंपनियों, Sical Logistics, Silver Touch Technologies और NIBE Limited में अपनी हिस्सेदारी तेजी से बढ़ाई है। इन कंपनियों में बढ़ता विदेशी निवेश यह बताता है कि बड़े वैश्विक निवेशक इनके भविष्य को लेकर सकारात्मक हैं और भारतीय बाजार में इनकी संभावनाओं पर भरोसा जता रहे हैं।
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FII निवेश क्यों मायने रखता है?
FII यानी Foreign Institutional Investors वे बड़े विदेशी संस्थान होते हैं जो दुनिया के अलग-अलग देशों के शेयर बाजारों में पैसा लगाते हैं। इनमें म्यूचुअल फंड, पेंशन फंड और हेज फंड जैसी बड़ी संस्थाएं शामिल होती हैं। जब ये किसी कंपनी में निवेश बढ़ाते हैं, तो इसका मतलब होता है कि उन्हें उस कंपनी की ग्रोथ पर भरोसा है। इनके निवेश से शेयर बाजार में पैसे का प्रवाह बढ़ता है और कई बार शेयरों की कीमतें भी ऊपर जाती हैं। इसीलिए FIIs के कदमों पर निवेशकों की नजर बनी रहती है।
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Sical Logistics
Sical Logistics एक logistics कंपनी है जो बंदरगाहों पर माल उठाने-रखने, सड़क और रेल से माल ढुलाई, वेयरहाउसिंग और कंटेनर परिवहन जैसी सेवाएं देती है। यह कोयला, खाद और अन्य कच्चे माल की कंपनियों को पूरी supply chain में मदद करती है। खास बात यह है कि दिसंबर 2025 तक इस कंपनी में FII की हिस्सेदारी बिल्कुल शून्य थी, लेकिन मार्च 2026 में यह एकदम से 3.09 प्रतिशत हो गई। Promoters के पास 73.50 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो प्रबंधन का भरोसा दर्शाती है।
Silver Touch Technologies
Silver Touch Technologies एक IT कंपनी है जो सरकारी संस्थाओं और बड़े कारोबारों के लिए software बनाती है, cloud services देती है और साइबर सुरक्षा में मदद करती है। यह e-governance यानी डिजिटल सरकारी सेवाओं के क्षेत्र में भी काम करती है। भारत में तेजी से बढ़ता digitalization इस कंपनी के लिए बड़ा अवसर बन रहा है। FII हिस्सेदारी दिसंबर 2025 में 0.75 प्रतिशत थी, जो मार्च 2026 में बढ़कर 1.31 प्रतिशत हो गई। Promoters के पास 74.61 प्रतिशत हिस्सा है।
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NIBE Limited
NIBE Limited एक defense manufacturing कंपनी है जो सेना और aerospace के लिए जरूरी high-precision पुर्जे और उपकरण बनाती है। भारत सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत देश में ही रक्षा उपकरण बनाने पर जोर दिया जा रहा है, जिसका सीधा फायदा NIBE जैसी कंपनियों को मिल सकता है। इस कंपनी में FII हिस्सेदारी दिसंबर 2025 के 5.99 प्रतिशत से बढ़कर मार्च 2026 में 8.70 प्रतिशत हो गई। Promoters के पास 53.39 प्रतिशत और आम निवेशकों के पास 37.56 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश या ट्रेडिंग सलाह नहीं माना जाए।


