Oil Stock : चीन ने अपनी रिफाइनरी कंपनियों को डीजल और पेट्रोल के निर्यात पर अस्थायी रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। इस खबर से भारतीय Oil Stock में जबरदस्त तेजी आई। Reliance Industries, Chennai Petroleum और MRPL के शेयर 5 प्रतिशत तक उछले। चीन के एक्सपोर्ट घटने से एशिया में सप्लाई कम होगी जिससे रिफाइनिंग मार्जिन और भारतीय कंपनियों की कमाई बढ़ने की उम्मीद है।
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Oil Stock में जबरदस्त उछाल
गुरुवार को Reliance Industries का शेयर करीब 3 प्रतिशत चढ़ गया और इसका इंट्राडे हाई ₹1,387.30 रहा। Chennai Petroleum Corporation के शेयर 5.4 प्रतिशत तक उछलकर ₹1,053.50 पर पहुंच गए। Mangalore Refinery and Petrochemicals यानी MRPL का शेयर भी करीब 5.72 प्रतिशत तक चढ़कर ₹202.32 पर पहुंच गया। सरकारी Oil Stock में भी तेजी देखी गई। Indian Oil Corporation के शेयर 2.87 प्रतिशत बढ़े। Hindustan Petroleum Corporation यानी HPCL का शेयर 2.37 प्रतिशत चढ़ा जबकि Bharat Petroleum Corporation यानी BPCL के शेयर में 1.37 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई। यह तेजी चीन के फैसले के सीधे प्रभाव से आई है।
चीन ने क्यों लगाया एक्सपोर्ट पर रोक
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक चीन की शीर्ष आर्थिक योजना संस्था National Development and Reform Commission ने देश की बड़ी रिफाइनरी कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें उन्हें तुरंत प्रभाव से डीजल और पेट्रोल के निर्यात को रोकने के मौखिक निर्देश दिए गए। रिपोर्ट के अनुसार रिफाइनरों को नए एक्सपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट साइन करने से भी मना किया गया है। साथ ही पहले से तय शिपमेंट्स को रद्द करने के लिए बातचीत करने को कहा गया है। हालांकि यह प्रतिबंध जेट फ्यूल और बंकर फ्यूल पर लागू नहीं होगा जो बॉन्डेड स्टोरेज में रखा गया है। हांगकांग और मकाऊ को जाने वाली सप्लाई भी इससे बाहर रखी गई है।
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भारतीय कंपनियों को कैसे होगा फायदा
चीन की बड़ी Oil रिफाइनरी कंपनियां जैसे PetroChina, Sinopec, CNOOC, Sinochem Group और Zhejiang Petrochemical को आमतौर पर सरकार की ओर से एक्सपोर्ट कोटा के तहत छूट मिलती है। चीन के इस फैसले का भारतीय कंपनियों पर सकारात्मक असर पड़ेगा। चीन के एक्सपोर्ट घटने से एशिया में डीजल और पेट्रोल की सप्लाई कम हो सकती है। इससे रिफाइनिंग मार्जिन यानी तेल साफ करने से होने वाला मुनाफा बढ़ने की उम्मीद है। जब सप्लाई कम होती है तो कीमतें बढ़ती हैं और भारतीय रिफाइनरी कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स को बेहतर दामों पर बेच सकती हैं जिससे उनकी कमाई बढ़ेगी।
मिडिल ईस्ट तनाव भी कारण
मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध तनाव के बीच चीन के इस फैसले ने भारतीय Oil और रिफाइनरी कंपनियों के शेयरों में तेजी ला दी है। चीन दुनिया का सबसे बड़ा तेल आयातक देश है और उसकी रिफाइनरी कंपनियां एशिया में बड़ी मात्रा में पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का निर्यात करती हैं। जब चीन अपना निर्यात रोकेगा तो एशियाई बाजार में कमी आएगी। भारतीय कंपनियां इस कमी को पूरा कर सकती हैं और अपना निर्यात बढ़ा सकती हैं। यह भारत की रिफाइनरी कंपनियों के लिए एक बड़ा अवसर है। निवेशकों ने इस अवसर को देखते हुए इन शेयरों में खरीदारी की जिससे कीमतों में तेजी आई है।
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश या ट्रेडिंग सलाह नहीं माना जाए।


